HIMACHAL NAZAR | स्वच्छ भारत मिशन जोर-शोर से चलाया गया, लेकिन असल में यह अभियान सफल हो नहीं पाएगा। ऐसा इसिलए क्योंकि देशवासी आज भी सार्वजनिक स्थानों को अपना घर न मान कर कूड़ादान मानते हैं। खुद से ही सवाल कर लो आप सार्वजिनक स्थानों पर चलते फिरते कुछ खाने के बाद उसका वेस्ट कहां फैंकते हो?


हम भारतवासियों में सफाई को लेकर अजीब सी आदत है अपनी बैठने की जगह को ही गंदा कर वहां से चलते बनते हैं। आज की नई पीढ़ी भी करीब-करीब अपने बुजुर्गों के पद चिन्होंं पर चल रही है। सोशल मीडिया में इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक बच्ची सुंदर सी जगह में जमीन पर पड़े डिस्पोजेबल ग्लास उठा रही है।

डिस्पोजेबल ग्लास उठाने के बाद वह उसे के लिफाफे में भरती है। जब बच्ची को कोई कूड़ादान नहीं दिखाई देता तो वह एक फास्ट फूड कॉर्नर पर जाती है और पूछती है डस्टबिन कहां है। इसके बाद फास्ट फूड चलाने वाला आदमी बच्ची से कूड़ा लेकर उसे कूड़ेदान के पास फेंक देता है।

बच्ची जिस जगह से लोगों की फैलाई गंदगी साफ कर रही है वह जगह मंडी शहर का चौहाटा बाजार। एशियन डिवेल्पमेंट बैंक के प्रोजेक्ट के तहत इसे विकसित किया गया है। सर्दियों में शाम के समय लाइट्स के नीचे बैंच पर बैठ लोग यहां सूप का आनंद लेते हैं। सूप पीने के बाद डिस्पोजेबल ग्लास वहीं फेंक चलते बनते हैं। बच्ची की इस पहल की खूब तारीफ हो रही है। सोशल मीडिया में लोग इस बच्ची के वीडियो खूब शेयर कर रहे हैं और इससे सीख लेने को कह रहे हैं

मंडी शहर तो मात्र एक उदाहरण है
मंडी शहर का वायरल वीडियो मात्र एक उदाहरण है। सभी सार्वजनिक स्थलों बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, पार्क में लोग यही करते हैंं। अब जो लोग खुद की ही सूप पीने के बाद कचरा कूड़ेदान पर न फेंक कर चले जाते हैं वह बच्चों को भी सफाई के बारे में क्या सीखा सकते हैंं।

कौन है वायरल वीडियों में बच्ची
वीडियो में कूड़ा उठा रही बच्ची का नाम आस्था है। इसे स्वच्छ बाल प्रहरी भी कहते हैं। शहर में जगह-जगह कूड़ा उठाकर और वीडियो बनाकर यह बच्ची लोगों को सफाई के प्रति जागरूक करती रहती है। इसलिए आपको भी यदि कुछ खाने के बाद कूड़ा सार्वजनिक स्थानों पर फेंकने की आदत है तो फिर आज भी अपना व्यवहार बदलें और बच्चों को भी सिखाएं।

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