Monday, September 20, 2021
Google search engine
HomeThoughtहमें ही ले डूबेगी पीटने और वीडियो बनाने की प्रवृति

हमें ही ले डूबेगी पीटने और वीडियो बनाने की प्रवृति

बच्चा-बच्चा चोर की अफवाह से हिमाचल वैसे ही परेशान है। प्रदेश का ऐसा कोई जिला नहीं है जहां से बच्चा चोरी के नाम पर निर्दोष लोगों को पीटने के वीडियो सोशल मीडिया में न तैर रहे हों। अब एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो मंडी जिला के सरकाघाट का बताया जा रहा है।

इस वीडियो में दो नाबालिग बच्चे दिख रहे हैं जिन पर चोरी का इल्जाम है।वीडियो सुनने पर लग रहा है कि दोनों बच्चे अपना जुर्म मान भी रहे हैं, लेकिन वीडियो बनाते हुए इन्हें थप्पड़ भी मारे जा रहे हैं। दोनोंं बच्चों ने चोरी की भी तब भी किसी को भी इन्हें पीटने का हक नहीं है। इन बच्चों को पकड़ कर पुलिस के हवाने किया जा सकता था या बाल कल्याण समिति या जिला बाल संरक्षण अधिकारी को भी सूचित किया जा सकता था।

अब बात करते हैं कानून की। कानून के मुताबिक आपको किसी भी अपराधी को पीटने का अधिकार नहीं है, अगर किसी ने कोई अपराध किया है और आपने उन्हें अपराध करते हुए पकड़ लिया है तो आरोपियों को पुलिस के हवाले किया जा सकता है। इस वीडियो में तो बच्चे नाबालिग हैं। जुर्म करने पर भी कानून के मुताबिक बच्चों की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती यहां तो बच्चों की बाकायदा वीडियो भी बना दी गई।

हिमाचल के हजारों लोग दूसरे राज्यों या विदेश में काम करते हैं। मान लो विदेश में ही ऐसी कोई अफवाह फैले और बिना मतलब लोग पीटने लगें तो आप क्या करेंगे या फिर आपने कोई अपराध कर भी दिया तो पुलिस के हवाले करने की बजाय भीड़ आपको इनसाफ के नाम पर पीटने लगे तो आप क्या करेंगे। वीडियो सबूत के तौर पर बनाना अच्छा है, लेकिन यह भी ध्यान रखें कि यह प्रवृति कहीं हमें ही न लू डूबे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!