Monday, December 5, 2022
HomeLatest Newsहिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के निर्णय 09/05/22

हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के निर्णय 09/05/22

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में आयुष विभाग में आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों के 200 पद भरने का निर्णय लिया गया। इनमें से 100 पद सीधी भर्ती के माध्यम से और शेष 100 पद बैचवार आधार पर भरे जाएंगे।
बैठक में आयुष विभाग में अनुबंध आधार पर आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट के 100 पद भरने का भी निर्णय लिया गया। इन 100 पदों में से 52 पद सीधी भर्ती के माध्यम से और शेष 48 पदों को बैचवार आधार पर भरा जाएगा।
मंत्रिमण्डल ने कांगड़ा जिला के खुंडियां में नया विकास खण्ड कार्यालय खोलने और इसके सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 14 पद सृजित कर उन्हें भरने का निर्णय लिया। इस विकास खण्ड के अधीन 20 पंचायतें होंगी।
मंत्रिमंडल ने पंचायती राज विभाग के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 32 पदों को भरने का निर्णय लिया।
बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग में हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से अनुबंध आधार पर कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) के छह पद भरने को स्वीकृति प्रदान की गई।
राज्य के प्रत्येक जिले में ग्रामीण विकास कार्यालय के परियोजना निदेशक के कार्यालय को सुदृढ़ करने के लिए ग्रामीण विकास में विभिन्न श्रेणियों के 25 पदों को भरने को स्वीकृति प्रदान की गई।
मंत्रिमण्डल ने क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए आवश्यक पदों के सृजन के साथ मण्डी जिले के धर्मपुर में श्रम मण्डल कार्यालय एवं उप रोजगार कार्यालय खोलने को भी स्वीकृति प्रदान की।
मंत्रिमण्डल ने उद्यमियों को उद्योग अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए राज्य की बड़ी औद्योगिक इकाइयों को विद्युत शुल्क में रियायत देने का निर्णय लिया है।
मंत्रिमण्डल ने अनुबंध पर नियुक्त व्यक्ति, दिहाड़ी श्रमिक/कंटींजेंट वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने और अंशकालिक कामगारों की सेवाओं को दिहाड़ीदार में बदलने के लिए मौजूदा कट ऑफ तिथि 31.03.2022 और 30.09.2022 को तय करने के लिए अपनी कार्योत्तर मंजूरी दी।
बैठक में क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए कांगड़ा जिले की उप तहसील सुलह में पटवार वृत्त वोडा का पुनर्गठन करते हुए नया पटवार वृत्त सिहोटू बनाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में सोलन जिले के कंडाघाट, धर्मपुर और कुठाड़ के प्रारंभिक शिक्षा खण्डों से निकालकर नया खण्ड शिक्षा कार्यालय खोलने का भी निर्णय लिया गया। इसके सुचारू संचालन के लिए आवश्यक पदों के सृजन के साथ उन्हें भरने की स्वीकृति प्रदान की।
मंत्रिमण्डल ने शिक्षा खण्ड औट के गांव रैहन में नया प्राथमिक विद्यालय खोलने को स्वीकृति प्रदान की।
बैठक में सिरमौर जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर भरापुर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने को स्वीकृति प्रदान की गई। इस केंद्र के प्रबंधन के लिए विभिन्न श्रेणियों के पांच पदों के सृजन और भरने को भी मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए लाहौल-स्पीति जिला के केमो में स्वास्थ्य उप केंद्र और बिलासपुर जिला के जबालियां में स्वास्थ्य उप केंद्र खोलने का भी निर्णय लिया गया।
मंत्रिमण्डल ने सिरमौर जिले में पशु औषधालय चाड़ना को पशु अस्पताल में स्तरोन्नत करने को अपनी स्वीकृति प्रदान की गई। अस्पताल के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के तीन पदों के सृजन के साथ उन्हें भरने को स्वीकृति प्रदान की। इससे क्षेत्र की पांच से अधिक पंचायतों के लोगों को लाभ होगा।
बैठक में कुल्लू जिला के हरिपुर पशु औषधालय को तीन पदों के सृजन के साथ पशु अस्पताल में स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया गया। इससे क्षेत्र की आठ पंचायतों को लाभ होगा।
बैठक में सिरमौर जिला की नाहन विधानसभा क्षेत्र के देवका पुडल्ला, कियारी और संभालका गांवों में आवश्यक पदों के सृजन के साथ पशु औषधालय खोलने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में शिमला जिला में पशु औषधालय पुलवाहल को पशु अस्पताल में स्तरोन्नत करने का भी निर्णय लिया गया। अस्पताल के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के तीन पदों के सृजन व इन्हें भरने की स्वीकृति प्रदान की गई। इससे क्षेत्र की तीन से अधिक पंचायतों के लोगों को सुविधा प्राप्त होगी।
मंत्रिमण्डल ने मण्डी जिला के केओलीेधार एवं सहज, कुल्लू जिला के गांव कराड़सू में नये आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने को स्वीकृति प्रदान की गई। प्रत्येक आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केन्द्र में विभिन्न श्रेणियों के तीन-तीन पदों के सृजन के साथ उन्हें भरने को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में प्रदेश में हिमाचली लोक संगीत और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लता मंगेशकर स्मृति पुरस्कार आरम्भ करने का निर्णय लिया गया।
मंत्रिमण्डल ने चम्बा जिले के चुवाड़ी में नया लोक निर्माण विभाग का मण्डल खोलने को स्वीकृति प्रदान की।
मंत्रिमण्डल ने प्रारंभिक शिक्षा विभाग में डेजिगनेटड शास्त्री शिक्षकों को प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (संस्कृत) के रूप में नामित करने को स्वीकृति प्रदान की।
बैठक में क्षेत्र की छात्राओं की सुविधा के लिए मण्डी जिला के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भंगरोटू में विज्ञान की कक्षाएं आरम्भ करने का भी निर्णय लिया गया।
मंत्रिमण्डल ने जिला सिरमौर के राजकीय उच्च पाठशाला बोहोलियन, नेहरस्वर, टोक्यां, जगला-भूद और बड़थल मधाना और कुल्लू जिला की राजकीय उच्च पाठशाला मलाणा को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला और सिरमौर जिले के राजकीय माध्यमिक पाठशाला, देवका, नालका, कोडेवाला, पन्याली और सत्तार भदोन को राजकीय उच्च पाठशाला में स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया गया। नव स्तरोन्नत पाठशालाओं के सुचारू प्रबंधन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 56 पदों के सृजन और भरने को स्वीकृति प्रदान की गई।
मंत्रिमंडल ने मण्डी जिला के राजकीय उच्च पाठशाला खौली को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, राजकीय माध्यमिक पाठशाला चुलाथाच व योरना और कुल्लू जिला के राजकीय माध्यमिक पाठशाला पिपलेज और सरसारी को राजकीय उच्च पाठशाला में स्तरोन्नत करने तथा राजकीय प्राथमिक पाठशाला बिहार और सुजैणी को माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने के साथ विभिन्न श्रेणियों के 27 पदों को सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया।
मंत्रिमंडल ने जिला सिरमौर के नौहराधार में नया राजकीय स्नातक महाविद्यालय खोलने के साथ-साथ इसमें संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 18 पद सृजित कर भरने को अपनी स्वीकृति प्रदान की।
मंत्रिमंडल ने हाल ही में खोले गए सरदार पटेल विश्वविद्यालय मण्डी और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के क्षेत्राधिकार के निर्धारण को अपनी स्वीकृति प्रदान की। मंडी, कांगड़ा, चंबा, लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिले के 137 महाविद्यालय सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी के अन्तर्गत, जबकि शिमला, सिरमौर, सोलन, किन्नौर, बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना जिलों के 165 महाविद्यालय हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के अंतर्गत आएंगे।
मंत्रिमंडल ने हमीरपुर जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुलेहड़ा और धबीड़ी में विज्ञान की कक्षाएं और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोहारली में वाणिज्य कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया गया ताकि इन क्षेत्रों के छात्रों की सुविधा हो सके।
मंत्रिमंडल ने गौ अभ्यारण्य/गौसदनों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता को प्रति गाय प्रति माह 500 रुपये से बढ़ाकर 700 रुपये करने का निर्णय लिया।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments