Tuesday, June 28, 2022
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CORONA में कैसे नेता मदद के नाम पर नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं.. यह एक उदाहरण है /

HIMACHAL NAZAR :- जनप्रतिनिधी, पूर्व जनप्रतिनिधी और भावी जनप्रतिनिधी इन दिनों मदद के नाम पर नियमों की खूब धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं. जैसे जनप्रतिनिधी या तो कोरोना प्रूफ हों या जनप्रतिनिधी नियमों से ऊपर हैं. कोरोना को लेकर बनाए गए तमाम नियम इनके लिए नहीं बस आम नागरिक के लिए हैं. सांसद, मंत्रियों द्वारा कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ाने के बाद अब नया नाम लिस्ट में शामिल हुआ है दून से मौजूदा विधायक परमजीत सिंह पम्मी और नालागढ़ से पूर्व विधायक केएल ठाकुर का. यही नहीं, केएल ठाकुर ने तो अपनी सरकार को घेरते हुए फेसबुक पर यह तक लिखा कि क्वारंटीन सेंटर में लोगों को भरपेट खाना नहीं मिल रहा.

नालागढ़ के पूर्व विधायक केएल ठाकुर द्वारा किया गया फेसबुक पोस्ट

दरअसल बाहरी राज्यों से हिमाचल लौट रहे लोगों को इंस्टीच्य़ूशनल क्वारंटीन किया जा रहा है. बद्दी के मानपुरा में भी ऐसा ही क्वारंटीन सेंटर है. दून विधायक परमजीत सिंह पम्मी और नालागढ़ से पूर्व विधायक केएल ठाकुर भी इन क्वारंटीन सेंटर में मदद के लिए पहुंचे. अब मदद करना तो अच्छी बात है, लेकिन हद तो यह है कि दून के मौजूदा जनप्रतिनिधी और नालागढ़ के पूर्व विधायक क्वारंटीन सेंटर के ना केवल परिसर में दाखिल हुए बल्कि क्वारंटीन किए गए लोगों के बीच खड़े होकर केले देते हुए फोटो भी खिंचवाई.

क्वारंटीन किए गए लोगों को केले देते पूर्व विधायक

अगले ही दिन क्वारंटीन सेंटर में 5 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई. अब विधायक महोदय और पूर्व विधायक होम क्वारंटीन हो चुके हैं, लेकिन सवाल तो यह सबसे बड़ा यह उठता है कि आखिर मदद के नाम पर नियमों की धज्जियां उड़ाने की इजाजत दी ही क्यों गई. यदि मदद करनी थी तो क्वारंटीन सेंटर के बाहर खाने का सामान रखा जा सकता था. इसके लिए परिसर के बीच दाखिल होने और क्वारंटीन किए गए लोगों के बीच खड़े होने की क्या जरूरत थी.

जनप्रतिनिधी और पूर्व जनप्रतिनिधी रोजानों कई लोगों से मिलते हैं. ऐसे में मदद के नाम पर इसे सीधे तौर पर घोर लापरवाही ही कहा जाएगा. आपको बता दें कि क्वारंटीन किए गए लोगों को भी बाहर घूमने की इजाजत नहीं दी जाती तो फिर मदद के नाम ये सोशल फुटेज खाने की छूट कौन देता है.

गौरतलब हो कि हमीरपुर में क्वारंटीन सेंटर में एक ही दिन 30 से ज्यादा कोरोना के मामले सामने आए थे. इन सेंटर में दिल्ली, मुंबई से वापस हिमाचल पहुंचे लोग क्वारंटीन किए गए थे. अब ऐसे में सवाल उठाता है कि ये जनप्रतिनिधी और पूर्व जनप्रतिनिधी आखिर मदद के नाम पर नियमों को ताक पर क्यों रख रहे हैं और क्यों क्वारंटीन किए गए लोगों के इतने करीब इन्हें जाना दिया जाता है. संबंधित प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर लगे क्या करते रहते हैं.

ये जग जाहिर है कि लोगों को मदद की जरूरत है. किसी राह चलते इनसान के इतने करीब जाकर मदद की जा रही हो तो यह अलग बात है, लेकिन क्वारंटीन सेंटर में जहां से इन दिनों कोरोना केस सामने आ रहे वहां लोगों के इतने करीब जाना खुद को और दूसरे लोगों को खतरे में डालना है. शनिवार को भी जोगिंद्रनगर क्वारंटीन सेंटर में भी 3 कोरोना केस सामने आए हैं. ऐसे में आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि यह कितना गंभीर विषय है.

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